Bihar Chunav Opinion: बिहार एनडीए में सीटों के बंटवारे का पेंच सुलझने के करीब पहुंच गया है. रविवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा. इसके साथ ही एनडीए के घटक दल अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर देंगे. भाजपा की पहली या पूर्ण सूची आज देर रात तक जारी होने की उम्मीद है.
पटनाः महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर घमासान मचा है, तो एनडीए में भी यह काम आसान नहीं दिख रहा. सीट बंटवारे पर अब तक की माथापच्ची में एनडीए सिर्फ 2 ही पेंच सुलझा पाया है. सीटों के मोल-भाव में लोजपा-आर (LJP-R) की नाराजगी एनडीए ने दूर कर ली है. अब चिराग पासवान कहने लगे हैं कि जहां पीएम मोदी होंगे, वहां वे भी साथ खड़े दिखेंगे. दूसरा पेंच, जो एनडीए ने सुलझाया है, वह है जेडीयू और बीजेपी की सीटों की संख्या का निर्धारण. जेडीयू के बड़ा भाई बने रहने के लिए कम से कम एक सीट अधिक चाहिए तो भाजपा एक सीट के अंतर से एनडीए में दूसरे नंबर की पार्टी बनने को तैयार हो गई है. इस पर दूसरे घटक दलों को भी आपत्ति नहीं है. अलबत्ता उन्हें अपने वाजिब हक की चिंता सता रही है, जिससे गठबंधन में वे खुद को अपमानित महसूस न करें. एनडीए को अब सबसे बड़ी समस्या उन दलों के लिए सीटों का बंदोबस्त है, जिनके मौजूदा विधानसभा में सदस्य नहीं हैं. जीतन राम मांझी को पिछली बार 6 सीटें मिली थीं. इस बार वे अपने सम्मान की रक्षा के लिए 15 की मांग कर रहे हैं. उनके तो 4 विधायक हैं भी, पर चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के साथ ऐसा नहीं है. यह पेंच सुलझाना एनडीए के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.
2 दिनों की छुट्टी से मिली है राहत
पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 18 जिलों की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है. नामांकन की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है. पर, दोनों गठबंधनों- महागठबंधन और एनडीए ने अभी तक अपने उम्मीदवारों का औपचारिक ऐलान नहीं किया है. नामों की घोषणा के लिए बैठकों और रूठने-मनाने का सिलसिला ही अभी तक चल रहा है. खैरियत है कि शनिवार और रविवार को अवकाश रहने के कारण समस्या का निदान ढूंढने का वक्त दोनों गठबंधनों को मिल गया है. एनडीए नेताओं की देर रात तक दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ बैठक चली. जेडीयू से राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष को आनन-फानन दिल्ली बुलाया गया. दूसरे घटक दलों के नेता भी बैठक में शामिल हुए. इसमें यही निकल कर सामने आया कि पहले से जेडीयू और भाजपा की निर्धारित सीटों में कटौती होगी.
चिराग माने, अब मांझी-उपेंद्र अड़े
एनडीए की सबसे बड़ी समस्या एलजेपी-आर के नेता चिराग पासवान को संतुष्ट करने की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें 29 सीटें देकर भाजपा ने मना लिया है. वे 40 सीटों की जिद कर रहे थे. उन्हें मनाने में ही 3 दिन से अधिक का समय लग गया. कभी पटना तो कभी दिल्ली भाजपा के नेता चिराग को मनाने के लिए दौड़ लगाते रहे. भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तो चिराग ने सुनी ही नहीं. इसलिए उनसे निकट संबंध रखने वाले नित्यानंद राय और मंगल पांडेय को मान-मनौवल के लिए लगाना पड़ा. चिराग माने तो हम के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 15 सीटों के लिए जिद ठान ली. उन्होंने तर्क दिया कि विधानसभा में मान्यता के लिए उन्हें 6 सीटें जीतना जरूरी है और यह तभी संभव हो पाएगा, जब वे कम से कम 15 सीटों पर लड़ें. जानकारी तो यह भी मिल रही है कि उनके सम्मान की रक्षा नहीं हुई तो वे कड़ा रुख अख्तियार कर सकते हैं. अब तक चुप रहे आरएलएम के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी ऑफर की गई सीटें स्वीकार नहीं हैं.
और घटेंगी JDU और BJP की सीटें
अब तो इतना स्पष्ट हो गया है कि जेडीयू और बीजेपी ने अपने लिए जो सीटें निर्धारित की थीं, उनमें कटौती होगी. पहले जेडीयू के लिए 102 और भाजपा के लिए 101 सीटें यानी कुल 203 सीटें रखी गई थीं. बची 40 सीटें 3 साथी दलों में बंटनी थीं. एनडीए की संयोजक की भूमिका में रही भाजपा ने बची सीटों के बंटवारे के लिए जो फॉर्मूला बनाया था, उसमें उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 6 और जीतन राम मांझी की हम (HAM) को 7 सीटें दी जानी थीं. कुशवाहा कम से कम 8 सीटों पर अड़ गए हैं, जबकि जीतन राम मांझी भी नीचे उतरने को तैयार नहीं हो रहे.
सीट बंटवारे का ताजा फॉर्मूला
सीट शेयरिंग की खींचतान पर विराम लगाने के लिए बिहार एनडीए की राजनीति अब दिल्ली शिफ्ट हो गई है, जहां भाजपा का शीर्ष नेतृत्व साथी दलों के साथ बैठक कर अपना अंतिम फैसला सुनाएगा. सीट बंटवारे का जो ताजा फॉर्मूला भाजपा ने बनाया है, वह- 101+100+29+7+6 सीटों का है. अपडेटेड फार्मूला के तहत जेडीयू 101 पर लड़ेगा और भाजपा अपने लिए 100 सीटें रखेगी. चिराग पासवान को 29 सीटें, जीतन राम मांझी को 7 और उपेंद्र कुशवाहा को 6 सीटों का ऑफर है. अंदरखाने की खबर है कि मांझी और कुशवाहा ने पहले से ही अपने 8 उम्मीदवार तय कर लिए हैं. इसलिए दोनों 8 से कम पर शायद ही मानें. केंद्रीय नेतृत्व के सामने दोनों के लिए 8-8 यानी फॉर्मूले को तोड़कर 3 अतिरिक्त सीटों का जुगाड़ करना होगा. या फिर उन्हें पूर्व से निर्धारित सीटों पर ही मनाने की मशक्कत करनी होगी.
CEC की बैठक में सीटें होंगी लॉक
रविवार को भी एनडीए नेताओं की बैठक चलेगी. संभव है कि अकेले-अकेले जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से बात कर अमित शाह ने कोई हल निकाल लिया हो. बिहार को लेकर आज (रविवार) भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक होनी है. इस बैठक में जेपी नड्डा और अमित शाह के अलावा दूसरे वरिष्ठ नेता भी रहेंगे. प्रधानमंत्री को भी बैठक में रहना है. उसके बाद सीटों की संख्या लाक हो जाएगी. हर साथी दल ने अपने संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट बना ली है. सीईसी की बैठक के बाद देर रात तक भाजपा अपने उम्मीदवारों की पहली या पूरी सूची जारी कर सकती है. साथी दल भी सुबह तक अपने उम्मीदवार घोषित कर देंगे, ताकि सोमवार से वे नामांकन का पर्चा दाखिल करना शुरू कर सकें.