दीपावली के बाद भाई दूज का पावन पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। भाई दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और आपसी विश्वास का प्रतीक है। भाई दूज हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन
अयोध्या. दीपावली का महापर्व चल रहा है. हिंदू धर्म में भारतीय परंपरा के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को एक ऐसा पर्व मनाया जाता है, जो भाई बहनों के अटूट प्रेम और रक्षा का प्रतीक भी माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को कभी यमुना ने यम को अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया था. इसके बाद यम ने भोजन के बाद यमुना से रक्षा सूत्र बधावाने के बाद यमुना ने उनको पापों से मुक्ति का आशीर्वाद दिया था तभी से कहा जाता है कि यह परंपरा चली आ रही है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन लोग अपनी बहन के घर में प्रेम से भोजन करना शुभ मानते हैं. ऐसा करने से कल्याण और समृद्धि की प्राप्ति भी होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 23 अक्टूबर को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:13 से लेकर 3:28 तक रहेगा .
सोना चांदी देने के फायदे
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. इस दिन अगर भाई अपनी बहनों के घर पर जाकर भोजन करते हैं, तो यह बेहद शुभ होता है. इसके बदले में भाइयों को अपने बहनों के लिए कुछ उपहार भी भेंट करना चाहिए. धार्मिक ग्रंथ में यह भी बताया गया है कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को अगर भाई अपने बहन को सोने चांदी जैसे आभूषण देते हैं तो यह बेहद शुभ माना जाता है.
क्या कहता है पद्म पुराण
पद्म पुराण के अनुसार, जो भी व्यक्ति अपनी विवाहित बहनों को वस्त्र आभूषण उपहार के रूप में देता है, वह वर्ष भर किसी झगड़े में नहीं पड़ता. शत्रुओं का भय भी नहीं होता. धन और यश की प्राप्ति होती है. अगर आप भाई दूज के दिन अपनी बहन के घर पर भोजन ग्रहण करते हैं और बदले में कुछ उपहार भेंट करते हैं तो मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि अकाल मृत्यु से भी मुक्ति मिलती है.
Bhai Dooj 2025 : भाई दूज के दिन करें ये काम, अकाल मृत्यु से मिलेगी मुक्ति, पैसों से भर जाएगा घर का हर कोना
इस दिन लोग अपनी बहन के घर भोजन करना शुभ मानते हैं. ऐसा करने से कल्याण और समृद्धि मिलती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 23 अक्टूबर को भैया दूज मनाया जाएगा. ये पर्व सदियों पुराना है और इससे कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं.
दीपावली के बाद भाई दूज का पावन पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। भाई दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और आपसी विश्वास का प्रतीक है। भाई दूज हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन.
भाई दूज कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इस बार भाई दूज का त्योहार 23 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा. यह पर्व बहन और भाई के प्रति विश्वास और प्रेम का होता है जिसको भाऊ बीज, भाई दूज, भात्र द्वितीया, भाई द्वितीया एवं भतरु द्वितीया जैसों नामों से भी जाना जाता है.
भाई दूज हिंदू धर्म का एक पवित्र और लोकप्रिय पर्व है, जो दिवाली के पांचवें और अंतिम दिन मनाया जाता है. इसे कई स्थानों पर यम द्वितीया के नाम से भी जाना …
भाई दूज के दिन सबसे पहले भाई का तिलक करने के लिए एक थाली तैयार कर लें. इस थाली में रोली, अक्षत, नारियल का गोला, और मिठाई रखें. इसके बाद सबसे पहले भगवा…